Ajnabi shayari in hindi

Published in Category Love Shayari on 27-Sep-2018 10:29 PM

Ajnabi dost shayari hindi

तरसते थे जो दोस्त हमसे मिलने को कभी,
न जाने आज मेरे साए से भी कतराते है 
हम भी वही है और दिल भी वही है 
फिर भी न जाने क्यों लोग अजनबी बन जाते है

ajnabi dost shayari hindi

Pal bhar muskurane ki mohlat bhi na di usne,
wo badalte gaye aur ham unke liye ajnabi hote gaye..

पल भर मुस्कुराने की मोहलत भी न दी उसने, वो बदलते गए और हम उनके लिए अजनबी होते गए..

Chalo ajnabi ban jate hain

बड़े अजनबी ये है जिंदगी के रास्ते
अनजाने मोड पर कुछ दोस्त बन जाते है,
मिलने की ख़ुशी वो दे या न दे,
बिछड़ने का गम जरुर दे जाते है

ajnabi zindagi shayari

Chalo ek pal ke liye ajnabi ban jaye, kuch lamhe karein batein aur sab kuch bhool jaye!!

चलो एक पल के लिए अजनबी बन जाये, कुछ लम्हे करें बातें और सब कुछ भूल जाये!!

हम ना अजनबी हैं ना पराए हैं,
आप और हम एक रिश्ते के साए हैं,
जब भी जी चाहे महसूस कर लीजिएगा,
हम तो आपकी मुस्कुराहट में समाए हैं!!

Hum na ajnabi hain na paraye hain,
Aap aur hum ek rishte ke saaye hain,
Jab bhi ji chahe mehsus kar lijiyega,
Hum to aapki muskurahat me samaye hain|

Ajnabi mehfil me kisi se dil na lagana Dosto,
suna hai bin bulaye ane wale bin bataye chale bhi jate hai

अजनबी महफ़िल में किसी से दिल न लगाना दोस्तों, सुना है बिन बुलाए आने वाले बिन बताये चले भी जाते है

Ajnabi shayari in hindi

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